दमोह नगरपालिका की लापरवाही पर उठे सवाल — स्वच्छता में नंबर वन कैसे बनेगा दमोह?

दमोह नगरपालिका की लापरवाही पर उठे सवाल — स्वच्छता में नंबर वन कैसे बनेगा दमोह?

 

दमोह। स्वच्छता अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाली दमोह नगरपालिका की हकीकत आज फिर सामने आई। शहर में कचरा उठाने वाले नगरपालिका के वाहन को खुले में कचरा ले जाते हुए देखा गया, जिससे रास्तों पर कचरा गिरता नजर आया। यह नजारा देखकर साफ समझा जा सकता है कि नगरपालिका की कार्यप्रणाली शहर को गंदगी से मुक्त करने में कितनी गंभीर है।

 

नगरपालिका का मुख्य कार्य शहर से कचरा इकट्ठा कर स्वच्छ वातावरण बनाना और नागरिकों को बीमारियों से बचाना है, लेकिन हकीकत इसके उलट दिख रही है। खुले में कचरा ले जाने से धूल, दुर्गंध और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब नगरपालिका ही स्वच्छता नियमों की धज्जियां उड़ा रही है तो दमोह स्वच्छता रैंकिंग में नंबर वन कैसे बनेगा?

 

शहरवासियों का कहना है कि यदि नगर पालिका इसी तरह लापरवाही बरतती रही तो “स्वच्छ दमोह” का सपना कभी साकार नहीं हो पाएगा। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करते

हैं।

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