खाकी की समझाइश से महकी गृहस्थी: बजरिया चौकी में पति-पत्नी ने भुलाए गिले-शिकवे, साथ रहने का लिया संकल्प
दमोह। जब रिश्तों में कड़वाहट आ जाए, तो अक्सर मामले कोर्ट-कचहरी और पुलिस की कार्रवाई तक पहुँच जाते हैं, लेकिन दमोह की बजरिया चौकी (थाना कोतवाली) में एक सुखद तस्वीर सामने आई है। यहाँ पुलिस की मध्यस्थता और परिजनों की मौजूदगी में एक टूटता हुआ परिवार फिर से जुड़ गया।
क्या था मामला?
बजरिया वार्ड नंबर 08 (ग्राम बड़ापुरा) निवासी प्रमोद अहिरवार (32 वर्ष) और उनकी पत्नी श्रीमती विनीता के बीच पिछले कुछ समय से अनबन चल रही थी। विवाद इतना बढ़ा कि मामला पुलिस की चौखट तक जा पहुँचा और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी थी।
पुलिस की चौखट पर हुआ ‘प्रेम मिलन’
बुधवार को दोनों पक्ष अपने माता-पिता और रिश्तेदारों के साथ बजरिया चौकी पहुँचे। यहाँ पुलिस अधिकारियों और परिजनों ने दोनों को भविष्य और वैवाहिक जीवन की महत्ता समझाई। घंटों चली बातचीत और समझाइश का असर यह हुआ कि पति-पत्नी के मन की दूरियां मिट गईं।
सहमति से समझौता: दोनों ने बिना किसी दबाव के आपसी कड़वाहट को खत्म करने का निर्णय लिया।
नहीं चाहिए कानूनी कार्रवाई: दंपत्ति ने पुलिस को स्पष्ट किया कि वे अब एक-दूसरे के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
लिखित राजीनामा: दोनों ने राजीनामा पेश कर विश्वास दिलाया कि वे अब सुखद वैवाहिक जीवन साथ बिताएंगे।
बचा एक परिवार, पुलिस ने भी ली राहत की सांस
राजीनामा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की अग्रिम कार्रवाई को रोक दिया है। परिजनों की मौजूदगी में जब पति-पत्नी मुस्कुराते हुए चौकी से बाहर निकले, तो वहाँ मौजूद हर व्यक्ति ने इस पहल की सराहना की। यह समझौता न केवल दो व्यक्तियों के बीच था, बल्कि एक पूरे परिवार को बिखरने से बचाने की दिशा में एक बड़ी सफलता है।
खाकी की समझाइश से महकी गृहस्थी: बजरिया चौकी में पति-पत्नी ने भुलाए गिले-शिकवे, साथ रहने का लिया संकल्प
