वर्षों पुरानी परंपरा: 16 जुलाई को निकलेगी श्री जगदीश स्वामी की भव्य रथयात्रा, एक दिन पहले होगा विशाल भंडारा
दमोह। पुराना थाना स्थित प्राचीन श्री देव जगदीश स्वामी मंदिर में आगामी रथयात्रा महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस संबंध में 26 जून को मंदिर परिसर में मंदिर समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें रथयात्रा के आयोजन एवं धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई।
मंदिर समिति ने बताया कि 16 जुलाई को शाम 5:30 बजे भगवान श्री जगदीश स्वामी की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ नगर भ्रमण के लिए निकलेगी। रथयात्रा के एक दिन पूर्व मंदिर प्रांगण में श्री आनंद सोनी एवं गुल्ले दादा टीम के सहयोग से विशाल महाप्रसाद (भंडारा) का आयोजन किया जाएगा।
मंदिर का इतिहास वर्ष 1872 से जुड़ा है। इसकी स्थापना महंत श्री बाबा अजब दास ने की थी। उनके पश्चात महंत श्री चतुर्भुज दास और फिर महंत श्री रामभूषण दास ने मंदिर की परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए रथयात्रा का संचालन किया। वर्ष 1979 में मंदिर समिति का गठन हुआ, जिसके प्रथम अध्यक्ष कुंजबिहारी लाल गुरु बने। बाद में राम खिलान तिवारी ने अध्यक्ष पद संभाला और वर्तमान में समिति के अध्यक्ष भगवती श्रीवास्तव हैं।
बैठक में बताया गया कि 29 जून (पूर्णिमा) से भगवान के ‘अनवसर’ (बीमार होने) की परंपरा प्रारंभ होगी। इस दौरान प्रतिदिन भगवान का विशेष उपचार किया जाएगा तथा उन्हें हल्का भोजन जैसे खिचड़ी, दलिया, मूंग दाल, काढ़ा और फलों का रस अर्पित किया जाएगा।
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के दिन प्रातः 8 बजे भगवान श्री जगदीश स्वामी का अभिषेक, पूजन एवं हवन संपन्न होगा। इसके बाद शाम को महाप्रभु रथ पर आरूढ़ होकर नगर भ्रमण करेंगे और श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।
बैठक में मंदिर के पुजारी पंडित नर्मदा प्रसाद गर्ग, मंदिर समिति सचिव आलोक पांडे, पुजारी-पुरोहित संघ जिला अध्यक्ष पंडित अजय गर्ग, उपाध्यक्ष पंडित विकास पांडे, पंडित अनिल बैरागी, पंडित अरुण दीक्षित, पंडित गणेश मिश्रा, पंडित आराध्य गर्ग, आनंद सोनी, गुल्ले दादा, शैलेन्द्र असाटी, प्रभु चौरसिया, राजेंद्र चौरसिया, तपिश चौरसिया, मुन्ना नामदेव सहित मंदिर समिति के अनेक सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
