पधारों कुण्डलपुर के जयघोष के साथ गुरूदेव का पदविहार

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पधारों कुण्डलपुर के जयघोष के साथ गुरूदेव का पदविहार दमोह।22 साल की उम्र में संन्यास लेकर दुनिया को सत्य-अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले आचार्यश्री विद्यासागर महाराज की एक झलक पाने सैकड़ों लोग मीलों पैदल दौड़ पड़ते हैं। उनके प्रवचनों में धार्मिक व्याख्यान कम और ऐसे सूत्र ज्यादा होते हैं जो किसी भी व्यक्ति के जीवन को सफल बना सकते हैं। देश के ऐसे संत है जिनके जीवन पर अब तक 55 पीएचडी हो चुकी हैं। पधारों कुण्डलपुर के उदघोष के साथ आज सुबह आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का विहार कलहरा ग्राम से घाना मैली की ओर हुआ, सम्पूर्ण ज़िले के हजारों श्रद्धालुओ के साथ कुण्डलपुर कमेटी के अध्यक्ष संतोष सिंघई एवं पदाधिकारी मौजूद रहे, जैनम जयतु शासनम बंदे विद्यासागरम का उदघोष होता रहा। घानामैली मे श्रद्धालुओ को संदेश देते हुऐ कहा कि धीरे धीरे परस्वाह पास आ रहा है वहां की जनता सादगी और सात्विक जीवन जीती हैं, खेती बाड़ी का काम करके जीवन यापन करते है, गौशाला का काम करके खुश रहते हैं, इस क्षेत्र में तालाब, नहर और प्राकृतिक सुंदरता हैं, मनुष्य जीवन मिला है जो पुण्य का काम है, व्यसन मुक्ति से सबका जीवन सुधारा जा सकता हैं, हथकरघा के शुरू होने से बहुत से लोगों को रोजगार मिलेगा और उनका जीवन यापन सुधरेगा। सामाजिक सरोकार के इस तरह के कार्य से क्षेत्र का विकास होगा। घाना मैली गुरुदेव श्री विद्यासागर जी महाराज का पूजन अर्चन पश्चात आहार देने का सौभाग्य चंडी चौपरा के मोदी परिवार को प्राप्त हुआ। मोदी परिवार द्वारा परस्वाहा में संचालित होने वाले हाथ करघा केंद के लिए 11 मशीनें दान दी। आज रात्रि विश्राम चंडी चौपरा में होगा।

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