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बीर सिंह लक्खा ने महोत्सव को भक्ति रस से सराबोर किया
जमकर नाचे राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह सहित सभी श्रध्दालु
नोहलेश्वर महोत्सव में वर्चुअल जुड़े मुख्यमंत्री सफल आयोजन की
संस्कृति राज्यमंत्री को दी बधाई जनता को किया संबोधित
नोहलेश्वर महोत्सव में मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से
जुड़ कर महाशिवरात्रि की दी शुभकामनाएँ
नोहलेश्वर महोत्सव के आठवें दिवस एक शाम, शिव और शक्ति के नाम रात्रि जागरण में सुप्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर किया। भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियों से ऐसा शमां बांधा कि जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। लखबीर सिंह लक्खा ने मां दुर्गा, खाटू श्याम बाबा और भोलेनाथ का गुणगान किया। उन्होंने “प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी”, “मेरी मैया ने ऐसी सौगात दे दी” आदि माता के भजन सुनाकर भक्तों को झूमने पर विवश कर दिया। भजन सम्राट ने “कीजो केसरी के लाल, मेरा छोटा सा ये काम” जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर रात तक भक्तों को बांधे रखा। कार्यक्रम में देर रात तक भजनों की रसधारा बहती रही।
नोहलेश्वर महोत्सव कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों द्वारा श्री गणेश जी के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई कार्यक्रम में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे, पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह, अजय टंडन , अंबालाल पटेल, हाकम सिंह, छप्पन सिंह, राजेंद्र पटेल, राजा राय, विवेक सेन, कपिल सोनी, अंजू खत्री, नरेद्र जैन, आलोक गोस्वामी, सीमा जाट, संजय यादव, संजय सेन, गोपाल ठाकुर, राजकुमार जैन, महेंद्र जैन, रामलाल उपाध्याय, सहित समाज सेवियों एवं वरिष्ठ नागरिकों की उपस्थिति रही सभी अतिथियों का महोत्सव संयोजक सत्येंद्र सिंह, नितेंद्र सिंह ने स्वागत किया।
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार दीक्षा सेन, शिवानी बाल्मीकि, नैन्सी गुप्ता, रिया यादव, पूर्वी नामदेव और उनकी टीम द्वारा नोरता बुंदेली लोक नृत्य की प्रस्तुति दी गई साथ ही एकलव्य विश्वविद्यालय के प्रोफेसर तपन साहू द्वारा शिव भक्ति पर आधारित मनमोहक ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति दी, साथ ही भजन गायक नितिन अग्रवाल और उनकी टीम द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई गांधीनगर गुजरात से पधारी सुगम संगीत गायक आशा वैष्णव और उनकी टीम द्वारा देर रात्रि महाशिवरात्रि के अवसर पर विभिन्न भक्ति गीतों और भजनों की प्रस्तुति दी गई जिसमें श्रोतागण शिव भक्ति में मग्न रहें।